इश्क़ है हमें तुमसे
तुम्हारी उस पहली झलक से
जब तुम कांपते हाथों से चाय लायी थी...
इश्क़ है हमें तुम्हारी इन आँखों से
जिन में हर वक़्त डूबे रहने का मन करता है...
इश्क़ है हमे तुम्हारी उन उलटी फुल्टी बातों से
जिनको सुनने का हर वक़्त मन करता है...
हाँ... है हमें इश्क़ तुमसे और तुम्हारी बातों से
जो हमसे शुरू होकर हम पर ही ख़त्म होती है...
-स्मृति