वेद वाणी 6-61-13
प्र या महिम्ना महिनासु चेकिते द्युम्नेभिरन्या अपसामपस्तमा।
रथ इव बृहती विभ्वने कृतोपस्तुत्या चिकितुषा सरस्वती॥ऋग्वेद ६-६१-१३॥
सरस्वती नदी से ऐसी ऊर्जा निकलती रहती है, जो किनारो के आस पास रहने वालो को, नवीन ज्ञान प्रदान करती है। यह अन्य नदियों मे श्रेष्ठ एवं महत्व पूर्ण है।
सरस्वती नदी के किनारो पर किये गये ज्ञान के प्रयोग अधिक तीव्रता से सफल होते है। तीव्र गति से ही यह बहती है। ज्ञानी लोग सरस्वती की सदैव स्तुति करते है।
Such energy keeps emanating from the Saraswati river, which provides new knowledge to the people living near the banks. It is superior and important among other rivers. The experiments of knowledge done on the banks of river Saraswati are more successful. It flows at a high speed. Wise people always praise Saraswati.