मां! आपकी बहोत याद आती है।
खुशियां अधूरी सी लगती है।
थकान अब शायद ही होती है।
पर, सब बेवजह सा लगता है।
कभी कुछ वक्त मिल जाता है,
भूख अब सताती नहीं है।
नींद तो अब कम हो चुकी है।
परेशानी भी अब फिजूल है।
किसी को उनकी मां के पास देखा है,
तब हर बार दिल को तसल्ली दी है।
आप ही सबसे प्यारी है,
आप ही सबसे अच्छी है।
अफसोस सिर्फ इतना है,
एहसास का मौका नहीं पाया है।
आपको खोजता रहता हूं।
ढूंढ ही नहीं पाता हूं।
आपके खयाल के लिए वक्त निकालता हूं,
लगता है जैसे,
अब क्या ही कहूं,
सब फिजूल सा लगता है।
आप खयालों में भी खयाल नहीं करती।
सिर्फ इस बात पर अड़ा हुआ हूं की,
आप सबसे अच्छी और प्यारी है।