2️⃣3️⃣0️⃣2️⃣2️⃣2️⃣तेईस फरवरी दो हज़ार बाइस । बुधवार । शुभ समय । वसंत ऋतु ।
(१) अपने शरीर का विशेष ध्यान रखें, एक यही जगह है जहां आप अंत तक रहते हैं ।
(२) चाहे अपनों के लिए सारे संसार से लड़ लेना मगर कभी भी संसार की बातों में आकर अपनों से मत लड़ना क्योंकि संसार कभी साथ नहीं देता मगर अपने सदैव साथ देते हैं ।
(३) जीवन में मिलने वाले तीन उपहारों का सदैव सम्मान करें: माता-पिता, जीवन साथी और मित्र ।
(४) खुशियों के लिए क्यों करे किसी का इंतज़ार, आप ही तो हैं अपने जीवन के शिल्पकार, चलो आज मुश्किलों को हराते हैं और दिन भर मुस्कराते हैं ।
(५) किसी भले इंसान से गलती हो जाए तो सहन कर लेनी चाहिए क्योंकि मोती अगर कचरे में गिर जाए तो उसकी भी कीमत वही रहती है ।
(६) मन होना चाहिए किसी से मिलने का क्योंकि समय तो समय के पास भी नहीं है ।
(७) कई बार बिना गलती के भी गलती मान लेते हैं हम क्योंकि डर कहता है कि कहीं कोई अपना न हमसे रूठ जाए ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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