पंचांग के अनुसार बीते कल 11 फरवरी 2022, शुक्रवार को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर एकादशी तिथि प्रारंभ हो गई थी,जो कि १३ फरवरी को समाप्त होगी
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
जया एकादशी का व्रत कब है? जया एकादशी व्रत आज है यानिकि आज शनिवार को सभी भगवान विष्णु भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई जया एकादशी व्रत की ➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भगवान विष्णु भक्तों की तरफ से आप सभी को
12 फरवरी 2022, यानिकि आज शनिवार को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन आद्रा नक्षत्र और विश्कुंभ योग रहेगा. चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेगा. इस दिन राहु काल प्रात: 9 बजकर 49 मिनट से प्रात: 11 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. राहु काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त को शुभ मुहूर्त माना गया है.
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
जय जय नारायण नारायण हरि हरि तेरी लीला प्रभु न्यारी न्यारी हरी हरी ब्रह्मदत्त
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
➖जया एकादशी पूजा विधि➖
(Jaya Ekadashi Pujan Vidhi)
पौराणिक मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत की शुरुआत दशमी तिथि सूर्यास्त के बाद से होती है. दशमी तिथि से ब्रह्मचर्य नियम का पालन करना चाहिए. एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान श्रीहरि विष्णु को प्रणाम कर दिन की शुरुआत करें. इसके बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान-ध्यान करने के बाद आमचन करें और स्वंय को पवित्र करें. इसके बाद भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा पीले पुष्प, पीले फल, पीले मिष्ठान, धूप-दीप, कुमकुम, तांदुल, अगरबत्ती आदि से करें. आखिर में आरती-अर्चना करें.
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
जय जय नारायण नारायण हरि हरि तेरी लीला प्रभु न्यारी न्यारी हरी हरी ब्रह्मदत्त
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
जया एकादशी व्रत का पारण कब है?
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी की तिथि को किया जाता है. पंचांग के अनुसार जया एकादशी व्रत का पारण 13 फरवरी को प्रात: 7 बजकर 1 मिनट से लेकर प्रात: 9 बजकर 15 मिनट तक किया जा सकता है...... प्रस्तुतकर्ता ➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
जय श्री भगवान विष्णु श्री हरि आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का