सभी श्री गणेश भक्तों को शिव भक्तों को माता दुर्गा भक्तों को विष्णु भक्तों को हनुमान भक्तों को माता लक्ष्मी माता दुर्गा माता सरस्वती भक्तों को शनि देव भक्तों को सूर्य देव भक्तों को शुभ बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त दोस्तों मित्रों साथियों की तरफ से
शुभ बुधवार जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः ।
'निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येरुषु सवर्दा।।
जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त त्यागी
श्री गणेश आपका कल्याण करें उद्धार करें
🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔
➖➖➖➖➖➖➖➖➖
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
आरती श्री जय गणेश जी की-ब्रह्मदत्त
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।
माता जा की पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश देवा...
एकदन्त दयावन्त चार भुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी ।।
अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ।।
पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा ॥
सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ॥-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔
➖➖➖➖➖➖➖➖➖
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
श्री गणेश स्तुति ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ गणेश स्तुति
गणेश स्तुति
गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विध्न टरें ।
तीन लोक तैंतीस देवता द्वार खड़े सब अर्ज करे ।।
ऋद्धि-सिद्धि दक्षिण वाम विरजे आनन्द सौं चंवर दुरें ।
धूप दीप और लिए आरती भक्त खड़े जयकार करें ।।
गुड़ के मोदक भोग लगत है मूषक वाहन चढ़े सरें ।
सौम्य सेवा गणपति की विध्न भागजा दूर परें ।।
मास शुक्ल चतुर्थी दोपारा भर पूर परें ।
लियो जन्म गणपति प्रभु ने दुर्गा मन आनन्द भरें ।।
श्री शंकर के आनन्द उपज्यो, नाम सुमरयां सब विध्न टरें ।
आन विधाता बैठे आसन इन्द्र अप्सरा नृत्य करें ।।
देखि वेद ब्रह्माजी जाको विघ्न विनाशन रूप अनूप करें ।
पग खम्बा सा उदर पुष्ट है चन्द्रमा हास्य करें ।
दे श्राप चन्द्रदेव को कलाहीन तत्काल करें ।।
चौदह लोक में फिरें गणपति तीन लोक में राज करें ।
उठ प्रभात जो आरती गावे ताके सिर यश छत्र फिरें ।
गणपति जी की पूजा पहले करनी काम सभी निर्विन करें।
श्री गणपति जी की हाथ जोड़कर स्तुति करें ।। -प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़