(तनाव) हमारा दुश्मन, जो कभी आगे नही बढ़ने देता।
जितना हम पालेंगे
वो उतना पीछे आएगा!
हर ज़र्रे से वाकिफ़ होकर
हमे हमसे छीन ले जाएगा!
मौका हम ही देते है उसे
फिर कैसे ना वो सताएगा!
बाहर से तो तंदरुस्त दिखेंगे
अंदर से वो खोखला बनाएगा!
अभी तो हम पाल रहे उसे,
फिर वो पालता जाएगा!
समय रहते जगह दिखाना है,
वरना हमारी जगह छीन ले जाएगा!
साक्षी✍️