🌹🌹🌹🌹जय सियाराम नई🌹🌹🌹🌹
*भाषा" एक ऐसा "वस्त्र" है..*
*"जिसको" यदि, "शालीनता" से नहीं "पहना"...!*
*"तो"........*
*आपका संपूर्ण "व्यक्तित्व", "निर्वस्त्र" हो जाता है......!!*
*बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है....*
*लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये*
🙏 *सुप्रभात*. 🙏