#पंखुरी पंखुरी मन
12)पतंग
आकाश में उड़ती पतंग,
लाल -पीली, हरी-नीली,
सफेद-काली, रंग-बिरंगी,
मजबूती की डोर से बंधी,
लहराती,बलखाती, इठलाती,
आकाश पर रंग जमाती..
दूर-दूर बिन पंख सैर कर आती,
मस्त हवा से बातें करती,
कटने पर गश खाकर गिरती,
आगे बढ़ने का संदेश देती..
त्योहारो संग खुशियों मनाती,
रंग रंग की छटा बिखेरती,
चारों और बाँहे फैलाती,
चेहरे पर खुशियां लाती..
सम्मोहन बाँध पास अपने बुलाती,
आकाश में अपना रंग जमाती,
आकाश में उड़ती पतंग,
लाल पीली, हरी-नीली।।
🌹सुमन कुमावत🌹