सावधान रहें, स्वस्थ रहें
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कोरोना, कोरोना औऱ सिर्फ कोरोना।जो जान गवां बैठे,उनके अपने व्यथित हैं।हम सभी हर सांस भय के साए में ले रहे हैं।जो बेरोजगार हो गए हैं,जो बच्चे शिक्षा समाप्त कर रोजगार के लिए प्रयत्नशील थे,वे सभी भविष्य के लिए आशंकित हैं।लोग अवसादग्रस्त हो रहे हैं।अस्पतालों में जगह नहीं है,समस्याएं विकराल हैं।नेताओं को नेतागिरी से मतलब है, लोग न जाने किस बेवकूफी वश अपनी जान दाँव पर लगा रहे हैं धर्म और राजनीति के चक्कर में।जब स्कूल बन्द किए गए, इक्जाम टाले गए तो क्या इलेक्शन नहीं टाला जा सकता था।कुंभ में नहाकर स्वर्ग के रास्ते खोल रहे हैं।अपने देश में वैक्सीन गरीब जनता को न मिले,पाकिस्तान को भेजना जरूरी था।खैर, हमें स्वयं अपना ध्यान रखना चाहिए।विटामिन सी एवं जिंक लेते रहिए।जो एक नींबू का रस गर्म पानी में मिलाकर पी सकें, उन्हें अलग से विटामिन सी की आवश्यकता नहीं है।
दो टिकिया कपूर+एक चम्मच अजवायन+5 लौंग रुमाल में बांधकर सूंघते रहें।ये कफ नियंत्रक हैं, इसलिए श्वास नली एवं फेफड़ों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।कभी कभी देशी नुसखे भी प्रभावशाली होते हैं।अतः जो सहज उपलब्ध हैं, उन्हें अपनाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
आयुष काढ़ा बाजार में उपलब्ध है।या सोंठ,काली मिर्च, दालचीनी ,पिप्पली,बड़ी इलायची,लौंग,सभी बराबर 2-3 जायफल मिलाकर पीस लें।एक कप पानी में एक चौथाई चम्मच पाउडर डालकर जैसे ही पानी उबलने वाला हो गैस बंद कर के दो मिनट के लिए ढंककर छोड़ दें, फिर छानकर गर्म ही चाय की भांति सेवन करें।यदि फीका न पी सकें तो कुछ दाने चीनी के मिला लें।
अपना और अपनों का ध्यान रखें।
स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें, सकारात्मक रहें।
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