*कितना और कया खाया वोह महत्वपूर्ण नही है, कितना पचाया वोह महत्वपूर्ण है*।
ज्यादा खाना स्वास्थ्यके लिए नुक्सानकारक भी हो शकता है।
*पैसे का भी ऐसा ही है*, कितना कमाया उससे ज्यादा कितना पचाया वोह भी महत्वपूर्ण है। कभी बीना पाचाया ज्यादा पैसाभी दिमाग पे घमंड चड़ा देता है।
(Based on प्रवचन of acharya Ratnasundarji 🙏🙏)