नहीं है ये कुछ रोज का इक रोज़ महीना।
कहते शास्त्रों में ये है पापनाशी माघ महीना।।
🙏वादा करो तुम स्वयं से ये कपटी मोहब्बत के दिन के नाम से नहीं मनाएंगे।
किसी तीर्थ में जा पाएं या नहीं, तो माता-पिता के सम्मान को हर रोज बढ़ायेंगे।।🙏
ये वादा करो तुम स्वयं से मन से.. 🌺
-सनातनी_जितेंद्र मन