*एक समय था*
*जब "मंत्र" काम करते थे.*
*उसके बाद*
*एक समय आया*
*जब "तंत्र" काम करते थे.*
*फिर समय आया*
*जिसमे "यंत्र" काम करते थे.*
*और*
*आज के समय में कितने दुःख की बात है.*
*सिर्फ*
*"षड्यंत्र" काम करते है.*
*जब तक "सत्य" घर से बाहर निकलता है.*
*तब तक "झूठ" आधी दुनिया घूम लेता है.!*
।। जय सियाराम जी ।।
🙏🏻 सुप्रभात 🙏🏻