गद्दारों ने किया कैसा ये सितम
उपद्रव किया, कितने हो बेरहम।।
आये थे परेड लेकर किसान की
बदनामी कर दी आज किसान की ।।
नेता किसानों के कह रहे थे खुद को
बगलें झांकते हैं , छुपा रहे खुद को ।।
एक्सपोज़ हो गये ये देश के समक्ष
षड्यंत्र देशद्रोह का देखिए प्रत्यक्ष ।।