मैं और मेरा मोबाईल, अक्सर ये बाते करते है,
के वो नहीं होता तो कैसा लगता? वो नहीं होता तो क्या होता?
और मैं उसे कहता हूँ कि ———
वो नहीं होता तो सुबह में अलार्म बजाकर कौन जगाता?
वो नहीं होता तो रात को टोर्च कौन जलाता?
वो नहीं होता तो दूर बैठे लोगो से बाते कौन कराता?
वो नहीं होता तो अपनों को मेरा संदेश कौन पहुंचाता?
वो नहीं होता तो दोस्तों से दुरिया कौन मिटाता?
वो नहीं होता तो अच्छी यादो को कौन संभालता?
वो नहीं होता तो मुझे गाने कौन सुनाता?
वो नहीं होता तो ढेर सारे फोटो कौन सुरक्षित रखता?
मैं और मेरा मोबाईल, अक्सर ये बाते करते है,
के वो नहीं होता तो कैसा लगता? वो नहीं होता तो क्या होता?
और मैं उसे कहता हूँ कि————-
वो नहीं होता तो अच्छा नहीं लगता,और उसके बिना मेरा जीवन पूरा नहीं होता.........................