बदलाव
कुछ सुकून सा लगने लगा है,
मन में कुछ अलग सी शांती जगी है,
अब तो मौसम का बदलना ,
और वक़्त का बदलना,
एक सा लगने लगा है।।
कुछ सुकून सा लगने लगा है,
समा भी कुछ अलग लगने लगा है,
थे तो पहले भी येह विलोचन,
पर अब यह लगने लगे हैं,
सुन्दर लोचन।
कुछ सुकून सा लगने लगा है,
यह तो मन के परिवर्तन का नशा है
अगर बदला नहीं ,
तोह कभी कुछ ना होगा सही।।
राधे राधे।।