पल पल सोच में आना ना
हलचल दिल में मचाना ना
देखो मेरी नींदें उड़ाना ना
धीरे धीरे सपनो में आना ना
तुझे मेरी कसम
तुझे मेरी कसम
वोह हुआ जो पहले कभी ना हुआ
कही भी दिल ना लगे
ये तुने ऐसा क्या किया
हर चेहरे में अब तु ही तु
आती नज़र है
ये मस्त हवा तेरी खुशबु
लाती इधर है
शीशे में मेरे है साया तेरा
इतना ना सताओ सनम
पल पल सोच में आना ना
हलचल दिल में मचाना ना
देखो मेरी नींदें उड़ाना ना
धीरे धीरे सपनो में आना ना
तुझे मेरी कसम
हां तुझे मेरी कसम
आहटें किसी की जब आती है
मुझे तो लगता है ये
के जैसे तु आयी है
तेरी तस्वीरों से भी
बातें होने लगी है
कब सुरज निकला
और कब चाँद खबर भी नहीं है
होने ही लगे शायद तेरे हम
हाल तेरा है क्या ओ सनम...
पल पल सोच में आना ना
हलचल दिल में मचाना ना
देखो मेरी नींदें उड़ाना ना
धीरे धीरे सपनो में आना ना
तुझे मेरी कसम
तुझे मेरी कसम