j,◆🦜•¡!•🦚📿🦚•!¡•🦜◆
‼️2️⃣5️⃣●1️⃣2️⃣●2⃣0⃣‼️
*मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष*
*शुक्रवार एकादशी*
4️⃣5️⃣
🌹 *चौरासी वैष्णवन की वार्ता* 🌹
*[ वैष्णव - 4️⃣ प्रसङ्ग - 5️⃣ ]*
❗ *"अथ पद्मनाभदास कन्नौजिया ब्राह्मण कन्नौज में रहते उनकी वार्ता॥"* ❗
🦚 अन्य एक क्षत्राणी पद्मनाभदास के घर प्रतिदिन आया करती थी। एक दिन तुलसा ने क्षत्राणी से कहा- "तू नित्य क्यों आती है ?" उस क्षत्राणी ने कहा "पद्मनाभदास बड़े भगवदीय हैं और महापुरुष हैं।
🦚 मेरे सन्तति नहीं होती है। तुम पद्मनाभदास को मेरी ओर से विनती करो।" एक दिन तुलसा ने पद्मनाभदास से क्षत्राणी की व्यथा का वर्णन किया और उसके मनोरथ सिद्धि हेतु विनती की। पद्मनाभदास ने तुलसा से कहा "जल लाओ।"
🦚 तुलसा ने जल लाकर आगे रख दिया। पद्मनाभदास ने जल लेकर, अंगूठे का चरणोदक करके, क्षत्राणी को चरणोदक दे दिया और कहा "जा तेरे पुत्र होगा, उसका नाम मथुरादास रखना।" पीछे उसके पुत्र हुआ।
क्रमशः........
✍🏻 *रेखा*
¥﹏*)•🦜•(*﹏¥
•🦚📿🦚•
*•📿सुप्रभात📿•*
*🦜श्रीकृष्णायसमर्पणं🦜*
*•📿जैश्रीराधेश्याम📿•*
•🦚📿🦚•
¥﹏*)•🦜•(*﹏¥
◆🦜•¡!•🦚📿🦚•!¡•🦜◆