वो जानती है मेरे बात को,
वो पहचानती है मेरी आवाज़ को।
मेरे हर राज़ जानती है वो,
शायद मुजे अपना ही मानती है वो।
में उससे दिन रात बाते करना चाहता हु.
में उसे अपना बनाना चाहता हु।
वो वही है जो ख्वाबो में आती है,
लेकिन सिर्फ ख्वाबो में ही क्यों आती है।
वैसे तो अभी तक ख़्वाब में ही है वो मेरे,
पर हकीकत भी बनाऊँगा एक दिन।
बस वो ख़्वाब मेरा सच हो जाये,
बस वो मेरी हो जाये।
-Chintan