मोहब्बत हम दोनो ने की
मेरे प्यार में वफ़ा थी , तुम्हारे प्यार में धोखा,
खेल गये जज़्बातों से मेरे,
छोड़ गये एसे विरानो में, जहाँ कोई भी अपना नहीं
लेकिन
संभाल लूँगी अपने आपको में भी, तुमसे जुदा होकर
एक नई पहचान बना लूँगी, अपने आपको भुलाकर
फिर भी,
खुदा के दर पर जाकर इतना तो ज़रूर माँगूँगी तुम्हारे लिये की
मेरे दिल से निकली हर आँहें तुम्हारे तक पहुँचने से पहले दूँवाँ में बदल जाए
आख़िर
मेने भी मोहब्बत की हे पूरी वफ़ा के साथ।