बच्चों के मासूम मुस्कुराहट में,
युवाओं के उन्मुक्त खिलखिलाहट में,
बुजुर्गों के विगत के वार्तालाप में,
चलो तलाश लेते हैं,
खुशियों के इंद्रधनुषी रंग,
आशाओं की सुनहरी धूप,
अपनेपन की सुनहरी सांझ,
उम्मीदों के फूलों से सजाकर,
स्नेह की खुशबू बिखेरकर,
बसाते हैं एक सुंदर, शांत संसार।