सितारे मौजद सारे, इस दिल के आसमाँ मे,
लेकिन उस चांद की इनमे बात कहाँ?
मौसम बहार के आज भी खिलते दुनिया मे,
लेकिन वो प्यार का एक फुल कहाँ?
खामोश अल्फा़जो को भी आवाज है मिलती,
तेरा मेरा रिश्ता इतना क्यूँ रुहानी है?
वो क्या समाझेगा दिल की गहराई, जीसको,
प्यार की अदा बस लगती रुमानी है ।
दुरीयों की लकीरें हाथो की, कैसे मिटायेगी,
छूट गये है जो निशान अब यादों मे ।
दिल मेरा, मर्जी तेरी चलती इसपे, इसिलीये,
बनकर सागर भर आता तू 'नैना' में ।