मुझे देख कर तुम ऐसे न मुस्कुराया करो।
धक्का क्यों देती हो आराम से आया करो।
तुम्हें इस तरह देख कर मेरी साँस थम जाती है।
मैं दिल का मरीज हूँ और मेरी बी पी बढ़ जाती है।
अगर मुझे कुछ हो गया तो तुम्हें सहारा कौन देगा
कुछ ऊँच-नीच हो गया तो इज़्ज़त दुबारा कौन देगा।
तुम्हारे बारे में सोच कर कमबख्त नींद नहीं आती है।
डॉक्टर ने मना किया है सोंचने को बी.पी.बढ़ जाती है।
अगर किसी पाठक को पता हो इलाज मेरा
वह किसी और को न बताये ये राज मेरा
ज़रा सी बात पर दिल को चोट लग जाती है।
दिल का मरीज हूँ न मेरी बी पी बढ़ जाती है।