तू कौन है अपनी पहचान कर
अपना तेवर उसके भी नाम कर
उसने सिर्फ तेरा प्यार देखा है
अब इंतकाम का भी इन्तजाम कर
उसके फरेब की पहचान कर
तू नूर है बे कसूर है
ये दर्द तुझपे जुर्म है
अपने दर्द का अब त्याग कर
हर फैसले में इंतकाम कर
उसके फरेब की पहचान कर
खुदा का पैगाम पा कर
खुसियो को अब गले लगा कर
नई जिन्दगी की सुरुवात कर
उसके मंसूबे को नाकाम कर
उसके फरेब की पहचान कर