एक थी मंजिल एक थी
राहें
जब पकड़ी थी बाहों में बाहें
किए थे वादा संग चलने का
हालातों से लड़कर बढ़ने का
कैसी रिश्ते में आई बाधा
फिर हम हो गए आधा आधा
उनका था कहीं और निशाना
इसको मैंने देर से जाना
वह सब था एक झूठ सफेद
फिर भी मुझे नहीं कोई खेद
फिर भी मुझे नहीं कोई खेद।
vp army ⚔️🇮🇳