कई अरसे से इश्क़ की चाहत का दस्तूर चला आ रहा है,
कई ने यादों में अपने घर बसाए तो कई खुशियाँ लुटाए जा रहा है।
फिर जिंदगी के हर पन्ने पर वफा से ज्यादा बेवफाई लिखी जा रही है,
जितना पलटा वक़्त, हर मंजर पर उतनी कहानियां मिली जा रही है।
नफरत के शहर में जहर पिलाया जाता है हसरत ए दिल के जज़्बात को,
जानकर भी अनजान बन, ख़ुद के जलते दिल का सबूत नहीं दे पा रहे है।
हर बार जावेद_ए_इश्क़ में ज़हर जैसा आलम ला खड़ा किया जाता है,
फिर कई आशिक़ों के अरमानों को सारी दुनियाँ में पागल बताए जा रहे है।
खैर और क्या कहना, इश्क़ कई ने किया था बेशूमार पहले भी यहाँ,
और प्यार का अंजाम जानके भी हजारो दीवाने मोहोब्बत किए जा रहे है।
❣️ DEAR ZINDAGI ❣️