इन लडकियों की बात ही कुछ ओर हे...
जनम से ही जिनके, चली आती लक्ष्मी इस ओर हे, मोहब्बत से जिनके फलती खुशियाँ चारो ओर हे, लड़कियाँ साप का भारा नही विश्वास की एक डोर हे.. क्यूँ की ,,इन लडकियों की बात ही कुछ ओर हे...
अपनो के हर दर्द को करती पलभर मे वो दूर हे, अपनो के लीये करती, अपने सपनो को वो चूर हे, कभी माँ, कभी बहेन, तो कभी भाभी, का रिश्ता वो निभाती हर रोज़ हे, क्यूँ की ,,इन लडकियों की बात ही कुछ ओर हे...
कभी रानी बनके वो अंग्रजों पर पडी भारी हे, तो कभी अपने हाथों से उसने परिवार की खुशियाँ सवारी हे, मगर आंखे मानो उनकी हर पल पुछ्ती यही एक सवाल हे, "की दिल्ही के बाद क्या हमारी बारि आई हे??" उनके इस सवाल के सामने लगते हम कमजोर है, लेकीन ये मत सोचना की, दुर्गा का रुप लेती, अब ये मर्दानी कमजोर हे,
क्यूँ की ,,इन लडकियों की बात ही कुछ ओर हे...
क्यूँ की ,,इन लडकियों की बात ही कुछ ओर हे...
Happy Raksha Bandhan....🙏😊😊