चतुष्पदी ..
सफलता जीवन का श्रृंगार है ।
मानवता जीवन का आधार है ।।
परोपकार जीवन का आईना है ।
जीवन पल में ही मधुमास होता है ।।
मुक्तक ..
अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते है ।
अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते है ।।
ईश्वर बिना यह जग निर्थक लगे ।
अवतार लेकर संस्कृति साकार करते है ।।
मुक्तक ..
कमल सदा कीचड़ में खिलता है ।
सच्चाई का प्रतीक कहलाता है ।।
सरस्वती का आसन सुदंर लगे ।
फूलों में श्रेष्ठ कहलाता है ।।
मुक्तक ..
आईना कभी झुठ नहीं बोलता है ।
आईना कभी खुशामद नहीं करता है ।।
आईने की तरह बनना चाहिए ।
आईना सत्य ही कहता है ।।