निकले है हम कदम बढाते
वीर सेनानी हिन्दुस्तानी
कूदते पार करेंगे पहाड़ो
रोके हमें ना नदिया आज ।
क्या टिकेगा दुश्मन हमारा
कर देंगे उसको बरबाद
अस्त्र शस्त्र हो ना हो पर ये
बाहे है तलवार-कटार ।
सपूत है हम वीर शिवा के
प्रताप का निश्चल निर्धार
सुभाषचंद्र के अनुयायी हम
भगतसिंह का जुनून सवार ।
चुन लिया है रास्ता हमने
जहा चले थे वीर हमीद
खेतरपाल ने जहा बनायी
जिन्दगी की जवानी हसीन ।
उसी राह पर हम निकले है
कदम बढ़ाते हिंदुस्तानी
मर मिटेंगे "वतन" के खातिर
कहलायेंगे अमर शहीद ।