सर्जन
विसर्जन का नियम है नवसर्जन मगर तुम ना बदले....
तुम वहीं स्थिरता अडगता अचलता और स्थितप्रज्ञा पर टिके रहे....
ना तुम बदले ना तुम्हारा हमारे तरफ का प्यार बदला....
तुम्हारी ये विराट न्यायिक शक्तियां पूरी दुनिया को एक राह दिखा दी....
आज भी समजना आए तो बहोत कुछ समजाती है हमें
कहा बदलना है और कहा बिलकुल बदलना नहीं है....
~Shree