*जुम्मन मियाँ* को रोमांटिक मुङ में देखकर *उनकी बेगम* बोली~
"एक बात सुनिए, *आप मेरे लिए क्या कर सकते हो..??"*
*मियाँ~*
"जो तुम कहो, बेगम.."
☺️☺️
बेगम~
"क्या *चाँद ला सकते हो..??"*
😊😊
मियाँ *कमरे मे गए, कुछ चीज़ छिपा कर* लाये, और बेगम से कहा~
*"आँखे बंद करो.."*
और वो चीज़ *बेगम के हाथों में रख दी।* फिर आँखें खोलने को कहा।
*बेगम की आँखों में आंसू थे,* क्योंकि उनके हाथों में एक *आईना* था, जिसमे *बेगम का चेहरा* नज़र आ रहा था।
बेगम~
"या ख़ुदा, आप *मुझे चाँद सा* समझते हो..!!"
*मियाँ बोले~*
"नहीं, मैं तो आपको *सिर्फ ये* समझा रहा था के *जिस मुँह से* चाँद मांग रही हो, *वो सूरत कभी आईने में भी* देख लिया करो.."
😳😳
*फ़िलहाल जुम्मन चाचा की याददाश़्त चली गयी है..*
😊😊