प्रियतम तुम भी ये समझ लो ना
हर रोज तुम्हे समझाती हूं।
तुम जब भी मुझे बुलाते हो
मै दौड़ चली आती हूं
मेरी इस बेताबी की थोड़ी,
क़दर तो कर लो ना।
प्रियतम....
प्रियतम तुम कितने प्यारे हो,
सारी दुनिया से न्यारे हो।
ये बात कभी तो समझ लो,
मेरी दुनिया के सितारे हो।
प्रियतम....
प्रियतम ये दुनिया मुझको,
तेरे नाम से जानेगी
इस प्रेम भारी जोगन को
तेरी नज़रों से पहचानेगी ।
प्रियतम..
प्रियतम मेरी प्रेम पूजा ,
किस दिन सफ़ल हो पाएगी
मीरा, राधा के जैसे,
दुनिया कब मेरी गाथा गाएगी
प्रियतम...
प्रियतम कृष्ण रूप में ही
जब से तुझे पाया
मेरे रोम रोम ही तेरा
रूप समाया है।
प्रियतम...
प्रियतम तेरी ये प्रेम जोगन,
दुनिया को समझ ना आई है।
बस तेरी राह निहारन को,
अन्तर मन ज्योति जलाई है।
प्रियतम..