आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में इतना खो गया हूं
कि आज मुझे अपने आप को ढूंढने की जद्दोजहद करनी है
मुझे आज खुद से मुलाकात करनी है
स्वार्थ के संबंधों की जाल में ऐसा फस चुका हूं
कि मुझे वह जाल तोड़कर बाहर आने की जद्दोजहद करनी है
मुझे आज खुद से मुलाकात करनी है
याद नहीं है कब मिला था मुझसे मैं
पर यह मुलाकात यादगार बन जाएं ऐसी तैयारी करनी है
मुझे आज खुद से खुद की मुलाकात करनी है
दिल खोल कर खेलना है, दिल खोल कर दौड़ना है
दिल खोल कर हसना है, दिल खोल कर रोना है
मुझे वो बचपन की यादें फिर से ताजा करनी है
मुझे आज खुद से मुलाकात करनी है
नहीं पता था मुझे कि मिलूंगा एक दिन खुद से
पर जब आज मिला हूं तो मेरी ही दो आंखें मुझसे चार करनी है
मुझे आज खुद से मुलाकात करनी है।
- Keyur Shah.