मैं आजाद हूं मुझे आजाद ही रहने दो
मत बांधो मुझे उन खोखले परंपरा कि बेड़ियों में
मैं उन पालतू प्राणी की माफक नहीं हूं
कि जब चाहो तुम बुलाओ और हम आ जाए
और जब चाहो तुम धित्कारो और हम चले जाए
मैं जंगल के शेरनी की तरह हूं ,
मुझे बस मुझ में ही मस्त रहने दो Bindu A
मेरा मन कहेगा तो आऊंगी
मेरा मन नहीं कहेगा तो मैं कहीं भी नहीं जाऊंगी
मुझे नहीं आते ये दिखावे के रिश्ते
मैं कभी अपने स्वार्थ के लिए नहीं बनाती किसी से रिश्ते
हां मैं आपकी नजरों में जंगली हुं तो मुझे जंगली ही रहने दो
मत बांधो मुझे अपने दृष्टिकोण की दुनिया में
मैं आजाद हूं और आजादी से ही रहना चाहती हूं मुझे रहने दो
तुम लोग जहां से सोचना बंद करते हो
शायद मैं वहीं से सोचने की शुरुआत करती हूं
तुम्हारे संकुचित विचारों से कहीं पर हूं मैं
मैं अपने ही आशियाना में खुश हूं
हां मैं आजाद हूं मुझे आजाद ही रहने दो