#सजावटी
मैं कोई सजावटी सामान नहीं
जीती जागती इंसान हूँ
पसन्द आयी तो सजा कर
घर लाये, सबको दिखाकर
खूब लुभाया, कीमती मुझको बताया
धीरे धीरे देख मुझे,
जब भर गया मन तेरा
तो बदल दिया स्थान मेरा
अब सिर्फ एक कोने में
चुपचाप सी पड़ी हूँ मैं
देख देख खुद की जगह
एक आह भर रही हूं मैं
इस सजावटीपने के खोल से
धीरे धीरे निकल रही हूँ मैं
इस बनावटी दुनिया से दूर
बहुत दूर जा रही हूँ मैं