#शिकार
शिकार तेरा हो या मेरा हो
बस अंजाम सुनहरा हो
वार हल्का हो चलेगा
जख्म मगर गहरा हो
वो दर्द ही क्या जो उम्रभर ना रहे
वो जिवन ही क्या जो दर्द ना सहे
जीवन कम हो चलेगा
लंबा मगर बसेरा हो
वार हल्का हो चलेगा
जख्म मगर गहरा हो
शिकार तेरा हो या मेरा हो
बस अंजाम सुनहरा हो
Sagar...✍️