मैं मात्र मिट्टी द्वारा सृजित शरीर
तुम मुझमें समायी दिव्य आत्मा
स्पर्श है तेरा हृदय कि धड़कन में
स्पष्ट है तेरा मेरे रोम-रोम में रमन
प्रवाहित सांसों में तेरा आवागमन
मेरे प्राणों मे विद्यमान तुम अमन
प्रेम हमारा निश्चल निःस्वार्थ अमृत
तुम भोली राधा मैं चतुर श्याम सा।
#Azad