तुम्हे मालूम था न कि मैं तुमसे कभी ऊंची आवाज में नही बात करूंगा , फिर भी तुमने मुझे मजबूर किया ऊंची बात करने पर , जब जाना था तो बोल देती , ये छुप कर किसी से नए रिश्ते बनाना पूछने पर झूठ बोलना और झूठ पकड़े जाने पर एक और झूठ बोलना , ये सब्र का बांध टूटने जैसा नही है तो क्या है !😢
HB