सिंहवाहिनी, सिद्धि दायनी।
ममतामय तू वर प्रदायनी।।
जग के संकट हरने वाली।
दुष्टों को भय देने वाली।।
धूम्र विलोचन नैनों वाली।
कृपा दृष्टि बरसाने वाली।।
तू महामायी,जग कल्याणी।
विपदा पल में हरने वाली।।
शत शत नमन करे ये "निमिषा"
पूरन कर दो सबकी इच्छा।।
©निमिषा