राम नाम के हीरे मोती
खुद पर अब मैं लूटाऊंगी।।
बहुत जी चुकी जग माया में।
जग से पार मैं जाऊंगी।।
छलिया ये संसार है सारा।
मोह माया का जाल है सारा।।
तोड़ के में जंजाल ये सारे।
अनंत विलीन हो जाऊंगी।।
राम नाम के हीरे मोती।
खुद पर अब में लुटाऊंगी।।
~©निमिषा~
#अनंत