कहाँ हैं ईश्वर ?
ईश्वर मन में है, ईश्वर तन में है,
ईश्वर कण कण में है,
ईश्वर भक्ति में है, ईश्वर शक्ति में है ,
ईश्वर हम में है, ईश्वर आप में है ,
हर इनसान में ईश्वर हैं,
ईश्वर प्रकृति में है,
प्रकृति यह ईश्वर हैं,
प्रकृति का हर एक अंग ईश्वर का अंग हैं,
फिर पेड़ भी ईश्वर का अंग हुए ना,!
पेड़ काटे मतलब ईश्वर के अंग काटे,
फिर मनुष्य संसार में सबसे बड़ा हत्यारा हुआ ना,
क़ायदे के नुसार मनुष्य को सबसे बड़ा दंड मिलना चाहिए
क्यों की यह देश कायदे से बना हैं ना!
Gouritanaya...