साथी
मुंह में कलम को दबाऐ
विचारों को शब्द बनाऐ,
इन पन्नों में श्याही रंग दे
जीवन में एक साथी संग दे ।
अश्कों को नैना ना भाऐ
बन वर्षा गालों को भिगाऐ,
होंठों पे कम्पन की छाया
जीवन में एक साथी का साया ।
रात अंधेरी डर डर डराऐ
सांसें रुके मन घबराऐ ,
हर आहट का अब चौंकाना
जीवन में एक साथी का आना ।
ह्रदय अपनी वाणी सुनाए
दूर बसा कोई पास बुलाये ,
बावला मन बिन पर उड़ जाए
जीवन में एक साथी को चाहें ।
दिल हजा़र अहसास बुन जाऐ
मन ही मन किस को चुन जाए ,
धड़कन तेज़, पर आवाज़ न सुने
जीवन मे एक साथी मन चुने ।।