जिन्दा लोग(लघुकथा)
"कया बात है?आजकल परेशान रहते हो?"
उसका बेटा व्यापार करता था।पिछले कुछ दिनो से उदास परेशान नजर आ रहा था।हो सकता है व्यापार मे कुछ ऊच नीच हो गई हो।बेटे की परेशानी का कारण जानने के लिए उसने पूछा था।"
"आजकल मुझे डरावने सपने आते है"।
"डरावने"बेटे की बात सुनकर वह बोला"कैसे डरावने सपने?"
"सपनो मे मुझे मरे हुए लोग दिखाई देते है"।
"बेटा ऐसा सबके साथ होता है।कोई बात जेहन मे रह जाये, तो वो ही बात रात को सपने मे दिखती है।इसमे डरने की कौनसी बात है?
"पापा मरे हुए लोग सपने मेआकर मुझे जान माल का नुकसान पहुंचाने की धमकी देते है"।
"मरे हुए लोग सिर्फ धमकी ही दे सकते है।लेकिन जिन्दा लोग धमकी को कार्यान्वित भी कर सकते है",वह बेटे को समझाते हुए बोला,"मरे हुए लोगो से नही,डरने की जरुरत जिन्दा लोगो से है"।