हररोज़ बनके खबर बलात्कार की कोई अखबार में आ जाती है ,
सोच बदली नही , कुछो को लडकिया आज भी माल नजर आती है ,
छाती पे नजर है सबकी , पहले तेरी चाल लाजवाब नजर आती है ,
इश्क के नाम पे लड़की पटाना आदत है,न माने वो लड़की तो 'रां*' कहलाती है ...
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