Hindi Quote in Story by Anamika Pravin Sharma

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" पल्लु सरक गया तो क्या होगा " 😉😉😎😎

" हम मिली ,,, अरे किसी को मिली नहीं हमारा नाम है मिली । मिली वर्मा । ससुराल की दहलीज पर खड़ी थी विदा होकर गांव आई थी । ऐसा नहीं है जैसा आप सोच रहे हैं ससुराल वाले रहते तो बेंगलुरु है पर शादी उन्होंने गांव से की क्योंकि ज्यादातर परिवार गाँव में ही रहता है ना , तो हुआ यूँ कि दहलीज पर ही ददिया सास , ताई सास ,चचिया सास, बुआ सास और न जाने कितनी प्रकार की सासें खड़ीं थीं कि हमारी तो की साँसे ही अटक गईं उन्हें देख ।
" देखो बहु ! भले ही तुम अंग्रेजी पढ़ी हो पर हमारे घर के नियम कायदे कानून के अनुसार चलना पड़ेगा तुम्हें , ठीक है । और यह पल्लू है ना इसे कभी मत उतरने देना और हाँ थोड़ा आगे माथे तक खींच कर रखना समझीं । "
वैसे यह कौन सी सास बोली समझ नहीं आया । फिर ना जाने कितने सारे अतरंगी काम करवाए हमसे । पर कोई नहीं हमें तो मज़ा आया । फिर तैयार करके बड़ा सा घूँघट लगाकर हमें भरे चौक पीढ़े पर बैठा दिया और सबको कहा लो देख लो बहु को ।
पूरा परिवार क्या ये समझो पूरा गांव हमें ऐसे देख देख कर जा रहा था जैसे हम कोई मैडम तुसाद म्यूजियम में रखी हुई कोई मूर्ति हों । पर मज़े की बात ये थी हमें देखने की कीमत भी दी जा रही थी , कोई साड़ी दे रहा था तो कोई लिफाफा । एक दादीजी ने तो भर कर थूक भी दिया हमपर और कहतीं हैं ," बहुत फूटरी बीनणी है नज़र ना लागे ।" तो ये बात वो ऐसे भी तो कह सकतीं थी ना । उल्टी करवाकर कहने की क्या जरूरत थी । खैर सारे करतब खत्म हुए और हमें हमारे पियाजी से मिलने दिया ।
सुबह नहा धोकर हम जैसे ही बाथरूम से निकले सामने बुआ सास किसी ट्रैफिक पुलिस सी खड़ीं थीं उन्हें अचानक पता नहीं क्या हुआ दोनों हाथ कान पर रखकर जोर से चिल्लाई , " हाय राम यह तो परकटी भी है । धोखा हो गया हमारे साथ ।" अब यह परकटी क्या बला है भाई हम हमारे दिमाग के घोड़े दौड़ाने लगे । दौड़ते दौड़ते बेचारे हाँफ गए फिर हारकर बैठ गए । और हमें समझ नहीं आया ये भलता सा शब्द परकटी । फिर सोचा चलो गूगल बाबा की मदद ले ले पर यह क्या यहां तो नेटवर्क ने भी दम तोड़ दिया । ऊपर से बुआ जी चुप भी नहीं हो रहीं थीं । उनकी चीख भी ना दया भाभी के , " हे ! माँ माताजी से कम न थी । फिर तो भई घर की सारी सासों ने मिलकर हम पर और हमारी सगी वाली सासु माँ पर सारे हथियारों के साथ धावा बोल दिया ।

क्रमशः

©®
अनामिका प्रवीन शर्मा
मुंबई

Hindi Story by Anamika Pravin Sharma : 111324783
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