इलाइची की महक ओढ़े
अद्रक का श्रृंगार कर सजी थी
हमसे गुफ्तगू करने के लिए अपनी दहलीज से निकल कर वो
प्याली सजाए बेठि थी
बेसबरी से हमे भी इंतजार था उस वक्त का
क्युकी हमे भी उनसे दो पल की गुफ्तगू करनी थी
ऐ वक्त तु भी आकर बैठ
तुझे भी एक कप चाय पिलाई जाए.....
# tea post..
#Bittu