शुभ संध्या वंदन शुभ रात्रि वंदन बृहस्पतिवार वीरवार गुरुवार भगवान शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू को एवं सृष्टिरचयिता भगवान विष्णु सत्यनारायण जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का आज का रात्रि सुविचार सत्य वचन....ब्रह्मदत्त
स्पष्ट बोलना पीठ पीछे बोलने से कई गुना बेहतर है।
जिसने मुँह पर कही कड़वाहट को बर्दाश्त कर लिया... भविष्य में वही कड़वाहट अमृत बन जाएगी...ब्रह्मदत्त