*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*दर्द कितना खुशनसीब है जिसे पाकर*
*लोग अपनों को याद करते है*
*दौलत कितनी बदनसीब है जिसे पा कर*
*लोग अक्सर अपनों को भूल जाते है*
*ज़िंदगी की रेस में जो लोग हमको*
*दौड़ कर नहीं हरा पाते...*
*वही हमको तोड़ कर*
*हराने की कोशिश करते हैं*
*बुरे वक्त में कन्धे पर रखा गया हाथ,*
*कामयाबी पर बजने वाली तालियों से*
*ज्यादा कीमती होता हैं*
*मनुष्यको अपनी ओर खींचनेवाला यदि*
*दुनिया में कोई असली चुम्बक है., तो*
*वह है आपका प्रेम*
*और.., आपका व्यवहार...!!*
Good morning
Jay shree krishna🙏🏻💐