***बाकी सब चंगा सी***
जनता में है त्राहि त्राहि
धंधा सबका मंदा सी
बाकी सब चंगा सी।
बलात्कारी खुले घूम रहे हैं
पीड़ितों में खौफ की गंगा सी
बाकी सब चंगा सी।
स्टूडेंट्स पिट रहे हैं
यूनिवर्सिटी में दंगा सी
बाकी सब चंगा सी।
देश झेल रहा है मंदी
नेता पेले ज्ञान की गंगा सी
बाकी सब चंगा सी।
अर्थव्यवस्था खाई में है
हिन्दू-मुस्लिम पंगा सी
बाकी सब चंगा सी।
ठप्प पड़े रोजगार व्यापार सब
एन आर सी हुडदंगा सी
बाकी सब चंगा सी।
-सिराज अंसारी