जब बताई अपनी दास्ताँ , तो सब ने कहा
जब उसके पास तेरे लिए वख्त नही
पूरा दिन अपने काम मे व्यस्त रहता है
तो ऐसे शख्स की क्या जरूरत
छोड़ दे उसे तुझे कोई भी अच्छा शख्स मिल जाएगा
हमने भी कह दिया
वो भी मजबूर है,
अगर हम नही रहेंगे उनके साथ तो वो भी तो अकेले हो जाएंगे
हमदर्द है हम दोनों
एक दूसरे का दर्द भी जानते है
हमे चाहे कोई भी मिल जाए
लेकिन उनके सिवा किसी ओर से प्यार न कर पाएंगे।
फिर उन्हें छोड़ के खुश कैसे रहेंगे?
जमाने के पास इसका कोई उत्तर न था।